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Thursday, March 9, 2017

उनिंदी आँखे ....

उनिंदी आँखे ....

कुछ पल के लिए ही सही 
वह दर्द ना हो
बस कुछ पल के लिए ही
शुकून की नींद
शुकून की सांसे ....
उम्मीद भरे सपने
और न भूलने की रश्मे....
कुछ पल के लिए ही सही
वह अँधेरा घना हो
सितारों भरी राते ...
खामोश सी हवा
और
सुरीली बातें ...
उनिंदी आँखे ....

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