हमारे छोटे दोस्त ने एक दिन बड़ी नोट फाड़ के कहा था की ऐसी नहीं कुछ अच्छी नोट दो... तब हँसते हुए उनके पापा ने उसे गुल्लक में डालने के लिए 10 की नोट दी थी. जब उनकी मम्मी चिल्लाई थी तब उसने कहा था... बच्चा ही तो है... बचपन की यादे कभी तजा हो जायेगी की उसने बचपने में 500 की नोट फाड़ दी थी... आज वह गुल्लक भी उनके बचपन में ही टूटा...
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Thursday, March 9, 2017
Wednesday, September 14, 2016
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