तेरे घर में अँधेरा था
उसमें उजाला करने तू सरहद गया |
इस देश में आज
सत्ता पर बैठे लोगों ने उस उजाले को ही देखा
उस अँधेरे को नहीं - जिस अँधेरे को तूने भोगा था
आज वही अँधेरा फिर उस घर में आ गया
जब आज तुम नहीं रहे इस देश को रोशन करने के लिए .... |
- हरेश परमार
उसमें उजाला करने तू सरहद गया |
इस देश में आज
सत्ता पर बैठे लोगों ने उस उजाले को ही देखा
उस अँधेरे को नहीं - जिस अँधेरे को तूने भोगा था
आज वही अँधेरा फिर उस घर में आ गया
जब आज तुम नहीं रहे इस देश को रोशन करने के लिए .... |
- हरेश परमार
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