Translate

Thursday, March 9, 2017

तेरे घर में अँधेरा था

तेरे घर में अँधेरा था
उसमें उजाला करने तू सरहद गया |
इस देश में आज 
सत्ता पर बैठे लोगों ने उस उजाले को ही देखा
उस अँधेरे को नहीं - जिस अँधेरे को तूने भोगा था
आज वही अँधेरा फिर उस घर में आ गया
जब आज तुम नहीं रहे इस देश को रोशन करने के लिए .... |
- हरेश परमार

No comments:

Post a Comment