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Thursday, March 9, 2017

आरक्षण और प्याज

आरक्षण और प्याज

आरक्षण ?
यह क्या है ?
यह एक प्याज है, 
जो दिनोंदिन अपनी महत्ता बहधा रही है....
जब वह बिकती थी आम भावो में
बाजारों में
तब उसको कोई पूछता भी नहीं था,
तब वह गरीबों की कस्तूरी थी,
कुछ ना मिला दिन-दहाड़ी में
तो सूखी रोटी के साथ प्याज खा लेते ते थे
आज प्याज ने रुला दिया सब को
अच्छे दिन किसके है
दिखा दिया सब को
आज प्याज प्रासंगिक है
आरक्षण उतना ही
मूल्यवान एवं प्रासंगिक है....
आप प्याज को नकार नहीं सकते
तो फिर आरक्षण को क्यों नकार ?.....
-
हरेश परमार

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