मेढक को जब मैंने कहा
प्यार की भाषा बोलो
उसने कहा
‘ड्राऊ....’
मैंने उसे फिर कहा
नफरत की भाषा बोल के दिखाओ
उसने कहा
‘ड्राऊ....’
मैंने उसे फिर कहा
चलो कोई नही, देशभक्ति गीत ही सुना दो
‘ड्राऊ....’
‘ड्राऊ....’
‘ड्राऊ....’
प्यार की भाषा बोलो
उसने कहा
‘ड्राऊ....’
मैंने उसे फिर कहा
नफरत की भाषा बोल के दिखाओ
उसने कहा
‘ड्राऊ....’
मैंने उसे फिर कहा
चलो कोई नही, देशभक्ति गीत ही सुना दो
‘ड्राऊ....’
‘ड्राऊ....’
‘ड्राऊ....’